प्रेतराज सरकार की आरती

प्रेतराज सरकार की आरती | पूरी Lyrics, महत्व और पाठ विधि

एक नाम जो सुनते ही रूह कांप जाती है — प्रेतराज सरकार। लेकिन जो इन्हें जानते हैं, जो इनके भक्त हैं — वो जानते हैं कि यह डर नहीं, श्रद्धा है। प्रेतराज सरकार वो देवता हैं जिन्हें भूत-प्रेत, पितृ दोष और अकाल मृत्यु से रक्षा करने वाला माना जाता है। राजस्थान और उत्तर भारत में इनकी भक्ति का इतना जबरदस्त प्रभाव है कि हजारों लोग हर साल इनके दरबार में अपनी मनोकामना लेकर आते हैं — और खाली हाथ नहीं लौटते। अगर आपके घर में भी कोई अनजाना डर है, पितृ दोष है, या कोई ऐसी समस्या है जो किसी से नहीं सुलझती — तो Pretraj Sarkar Ki Aarti का पाठ एक बार जरूर करें। पूरी lyrics, अर्थ और विधि यहाँ है — पोस्ट अंत तक पढ़िए।

Pretraj Sarkar कौन हैं?

प्रेतराज सरकार को भगवान यम के एक रूप या उनके प्रतिनिधि के रूप में पूजा जाता है। इन्हें “प्रेतों के राजा” कहा जाता है — यानी वो शक्ति जो मृत आत्माओं, भटकती आत्माओं और पितरों पर नियंत्रण रखती है।

राजस्थान के भरतपुर और सीकर जिले में इनके प्रमुख मंदिर हैं। यहाँ हर अमावस्या और पितृपक्ष में भारी भीड़ उमड़ती है।

मान्यता है कि जिस घर में —

  • किसी की अकाल मृत्यु हुई हो
  • पितृ दोष हो
  • भूत-प्रेत बाधा हो
  • किसी की आत्मा भटक रही हो
  • बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हों

— उस घर में Pretraj Sarkar Ki Aarti करने से शांति मिलती है।

Pretraj Sarkar Ki Aarti क्यों करें?

प्रेतराज सरकार की आरती कोई साधारण पूजा नहीं। यह उन शक्तियों को प्रसन्न करने का माध्यम है जो —

  • पितृ दोष से मुक्ति दिलाती है
  • घर में भटकती आत्माओं को शांति देती है
  • अकाल मृत्यु के भय से रक्षा करती है
  • काला जादू और तंत्र-मंत्र के प्रभाव को काटती है
  • परिवार में बार-बार हो रही बीमारियों से राहत देती है
  • दुःस्वप्न और रात के डर से मुक्ति दिलाती है
  • पितरों को सद्गति प्रदान करती है

Pretraj Sarkar Ki Aarti — पूरी Lyrics हिंदी में

॥ प्रेतराज सरकार की आरती ॥

जय प्रेतराज सरकार, जय प्रेतराज सरकार ।
भक्तन के रखवाले, दुष्टन के काल सरकार ॥
जय प्रेतराज सरकार ॥

प्रेतों के तुम राजा हो,
यमराज के प्रतिनिधि महाराज हो ।
भटकती आत्माओं को तुम ठिकाना देते,
पितरों को सद्गति तुम हो देते ॥
जय प्रेतराज सरकार ॥

तेरे दरबार में जो भी आए,
खाली हाथ कभी ना जाए ।
पितृ दोष जो कष्ट देते,
तेरी कृपा से वो सब जाते ॥
जय प्रेतराज सरकार ॥

काला जादू और तंत्र-मंत्र,
तेरे आगे सब बेकार ।
जो बांधे उस पर तू टूटे,
दुश्मन के घर जाए वो भार ॥
जय प्रेतराज सरकार ॥

अमावस्या को जो तुझे ध्याए,
दीपक और धूप जलाए ।
भूत-प्रेत से मुक्ति पाए,
घर में सुख-शांति वो पाए ॥
जय प्रेतराज सरकार ॥

पितृपक्ष में जो पूजा करे,
सरसों का तेल दीपक धरे ।
पितरों की आत्मा तृप्त हो,
प्रेतराज उसे आशीष दे ॥
जय प्रेतराज सरकार ॥

तेरा नाम लेते ही भागे,
सारी बाधा और सारे डर ।
घर में शांति का वास हो,
प्रेतराज रखो नजर ॥

जय प्रेतराज सरकार, जय प्रेतराज सरकार ।
भक्तन के रखवाले, दुष्टन के काल सरकार ॥
जय प्रेतराज सरकार ॥

दूसरी प्रसिद्ध प्रेतराज स्तुति

॥ प्रेतराज वंदना ॥

ॐ प्रेतराज नमस्तुभ्यं, नमस्ते यमदूतिने ।
पितृणां रक्षकाय च, प्रेतभूताय ते नमः ॥

नमः प्रेतपतये चैव, भयहर्त्रे नमो नमः ।
दुष्टदलन सरकार को, शत-शत नमन हमारा ॥

जो भटकें इस संसार में,
अतृप्त आत्मा दिन-रात ।
उनको तू सद्गति देता,
प्रेतराज तू महान ॥

पितृ तर्पण जो ना पाए,
घर में जिनका नाम ना आए ।
प्रेतराज उनको तू अपनाए,
मोक्ष की राह दिखाए ॥

ॐ प्रेतराज नमस्तुभ्यं ।
जय जय प्रेतराज सरकार ॥

Pretraj Sarkar Ki Aarti — पूजा विधि

सही समय

  • अमावस्या की रात — सबसे उत्तम
  • पितृपक्ष के 15 दिन — विशेष पूजा
  • शनिवार की शाम — साप्ताहिक पूजा
  • रात 10 बजे के बाद — गहरी रात में विशेष प्रभाव

पूजा सामग्री

  • सरसों के तेल का दीपक — अनिवार्य
  • काले तिल
  • काले कपड़े में नारियल
  • धूप और अगरबत्ती
  • जल और काले फूल
  • गुड़ और चावल का भोग

Step by Step विधि

  1. शाम के बाद स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें
  2. घर के दक्षिण दिशा में या पीपल के नीचे पूजा स्थान बनाएं
  3. दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें
  4. सरसों के तेल का दीपक जलाएं
  5. काले तिल और जल से तर्पण करें
  6. “ॐ प्रेतराज नमस्तुभ्यं” का 11 बार जप करें
  7. पूरी Pretraj Sarkar Ki Aarti भावपूर्वक पढ़ें
  8. अंत में पितरों को जल अर्पित करें

ध्यान रखें

  • यह पूजा सदा दक्षिण दिशा में करें
  • पीपल के पेड़ के नीचे करने से विशेष फल
  • मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें
  • पूजा के बाद वापस मुड़कर न देखें

किन समस्याओं में करें Pretraj Sarkar Ki Aarti

समस्याउपाय
पितृ दोषअमावस्या को तर्पण + आरती
भूत-प्रेत बाधाशनिवार रात सरसों के तेल का दीपक
बार-बार दुर्घटनापितृपक्ष में विशेष पूजा
रात को डरावने सपनेसोने से पहले आरती पाठ
घर में अशांतिहर अमावस्या को पूजा
काला जादू का असर40 दिन लगातार आरती पाठ
अकाल मृत्यु का भयसोमवार और शनिवार को दीपक

पितृ दोष और प्रेतराज सरकार — जरूरी जानकारी

पितृ दोष तब होता है जब परिवार के पूर्वजों की आत्मा को सद्गति न मिली हो। इसके लक्षण होते हैं —

  • घर में बार-बार बीमारियाँ
  • संतान न होना या संतान को कष्ट
  • व्यापार में बार-बार नुकसान
  • रिश्तों में कड़वाहट और झगड़े
  • बच्चों का पढ़ाई में मन न लगना
  • घर में हमेशा तनाव का माहौल

इन सभी स्थितियों में Pretraj Sarkar Ki Aarti के साथ पितृ तर्पण करने से धीरे-धीरे राहत मिलती है।

प्रेतराज सरकार के प्रमुख मंदिर

1. प्रेतराज मंदिर — भरतपुर, राजस्थान
यहाँ हर अमावस्या को हजारों भक्त आते हैं। पितृपक्ष में यहाँ महाआरती होती है।

2. प्रेतराज धाम — सीकर, राजस्थान
यह मंदिर रात में विशेष रूप से जागृत माना जाता है। यहाँ रात की पूजा का विशेष महत्व है।

3. स्थानीय पीपल के वृक्ष
जिस पीपल के नीचे नियमित दीपक जलाया जाता है — वहाँ प्रेतराज सरकार का वास माना जाता है।

निष्कर्ष

Pretraj Sarkar Ki Aarti उन लोगों के लिए है जो जीवन में ऐसी समस्याओं से जूझ रहे हैं जिनका कोई सांसारिक हल नहीं दिखता। पितृ दोष हो, भूत-प्रेत बाधा हो, या अकाल मृत्यु का भय — प्रेतराज सरकार के दरबार में सच्चे मन से की गई एक आरती भी चमत्कार कर सकती है।

याद रखें — यह डर नहीं, श्रद्धा है। और श्रद्धा से की गई हर पूजा फल देती है।

जय प्रेतराज सरकार 🙏


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