कुबेर चालीसा पीडीएफ
**॥ दोहा ॥**
जय कुबेर धनपति प्रभु, यक्षराज महाराज।
धन-धान्य सुख-समृद्धि दो, करो भक्त पर नाज॥कुबेर चालीसा पीडीएफ
**॥ चौपाई ॥**
जय जय जय कुबेर भगवाना। धन के देव जगत में जाना॥
उत्तर दिशा के रक्षक स्वामी। अष्टनिधि के तुम अंतर्यामी॥
स्वर्ण वर्ण तव रूप सुहाना। मणि मुकुट शिर अति मनभाना॥
गदा पद्म कर सोहत भारी। यक्षराज तुम त्रिभुवन हितकारी॥
अलकापुरी तुम्हारी नगरी। धन रत्नों से भरी भरी॥
नव निधियों के हो दाता। भक्तों के तुम पालनहाता॥
शंख पद्म महापद्म नाम। निधि नल नीलादि अभिराम॥
मकर कच्छप खर्व मुकुंद। वरद हस्त शुभ सुख आनंद॥
विश्रवा मुनि के हो नंदन। माता इलाविला मन भंजन॥
भगवान शिव के परम प्यारे। हर संकट से भक्त उबारे॥
लंकापुरी थी तुम्हरी पहले। रावण ने जब बल से छीन ले॥
शिव आज्ञा से अलका बसाई। धन वैभव से पुरी सजाई॥
पुष्पक विमान है तुम्हारा। जगत में है जग से न्यारा॥
आकाश में उड़ता जाए। भक्तों को मन भाए॥
यक्ष किन्नर सब सेवक तेरे। करत रहत सब कारज मेरे॥
ऋद्धि सिद्धि की दाता। जग में तुम्हरी महिमा गाता॥
जो कोई तुम्हरा ध्यान लगावे। धन दौलत वो खूब पावे॥
घर में होती बरकत भारी। मिटती दरिद्रता दुखारी॥
शुक्रवार को पूजा करना। कुबेर यंत्र पास में धरना॥
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। मनवांछित फल झट पावे॥
गोमती चक्र शुभ है तुम्हारा। घर में रखने से होता उजाला॥
व्यापार में होती वृद्धि भारी। संपत्ति आवे सुखकारी॥
जो पढ़े यह चालीसा। कुबेर प्रसन्न हों विशेषा॥
धन धान्य घर में आवे। सुख समृद्धि खूब पावे॥कुबेर चालीसा पीडीएफ
मंगलवार को व्रत जो धारे। कुबेर देव दुःख सब टारे॥
नित्य चालीसा का पाठ करे। घर में लक्ष्मी का वास रहे॥कुबेर चालीसा पीडीएफ
उत्तर दिश में बैठ कर पूजो। कुबेर यंत्र को नित्य ध्याओ॥
पीले फूल अर्पण करो। धन वर्षा का आशीष वरो॥
कनकधारा जो पाठ मिलावे। श्री कुबेर को और प्रसन्न पावे॥
दोनों की महिमा अपार। जीवन में हो उजियार॥
जो नर होय दरिद्र दुखारी। कुबेर चालीसा पढ़े नित्य भारी॥
तीन मास में फल पाएगा। धन से जीवन सजाएगा॥
सात बार जो नित्य पढ़े। कुबेर कृपा से सुख बढ़े॥
इक्कीस दिन का पाठ जो करे। सभी मनोरथ तुरत उबरे॥
बालक वृद्ध नर अरु नारी। सब पर कृपा करो धनहारी॥
भक्त तुम्हारे दुख ना पावें। सुख संपत्ति से जीवन सजावें॥कुबेर चालीसा पीडीएफ
कुबेर देव की जय जय बोलो। धन के भंडार खोलो खोलो॥
श्री कुबेर की महिमा गाओ। घर आँगन में खुशियाँ लाओ॥कुबेर चालीसा पीडीएफ
चालीस पाठ जो नित्य करे। कुबेर कृपा मन में भरे॥
अष्टनिधि नव निधि पाए। जीवन में आनंद समाए॥
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**॥ दोहा ॥**
कुबेर चालीसा पढ़ें, भक्त करें आराध।
धन सम्पत्ति घर में बढ़े, मिटे सकल उपद्राव॥
जय कुबेर देव की जय। जय धनपति जय जय॥
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**॥ इति श्री कुबेर चालीसा सम्पूर्ण ॥**
**॥ श्री कुबेराय नमः ॥**
कुबेर चालीसा पीडीएफ
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